





प्रिया बायो प्लांटेक प्राइवेट लिमिटेड 06 जनवरी, 2017 को निगमित एक असूचीबद्ध निजी कंपनी है। इसे एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में वर्गीकृत किया गया है और यह आगरा, उत्तर प्रदेश में स्थित है। इसकी अधिकृत शेयर पूंजी 10 लाख रुपये और कुल चुकता पूंजी 1.00 लाख रुपये है। प्रिया बायो प्लांटेक प्राइवेट लिमिटेड की वर्तमान स्थिति - सक्रिय है। हमारे रिकॉर्ड के अनुसार, प्रिया बायो प्लांटेक प्राइवेट लिमिटेड की आखिरी एजीएम (वार्षिक आम बैठक) 30/11/2022 को आयोजित की गई थी। प्रिया बायो प्लांटेक प्राइवेट लिमिटेड की कॉर्पोरेट पहचान संख्या (CIN) U74120UP2017PTC047826 है।
1 भारत सरकार भी बागवानी एवं वृक्षारोपण को बढ़ावा देने की रणनीति बना रही है।
2 बागवानी तथा लकड़ी वाले पौधों को सामान्य रूप में न लेकर एक बड़े स्तर से लगाकर व्यापारिक व्यवसाय होना चाहिए।
3 हमेशा उच्च गुणवत्ता युक्त उत्पादन देने वाले पौधों को प्रिया बायो प्लांटेक प्राइवेट लिमिटेड किसानों तक उपलब्ध करा रही है।
1 सिर्फ लगाते समय एक बार लागत की जरूरत।
2 कम कामगारों (मजदूरों) की आवश्यकता।
3 निराई, गुड़ाई इत्यादि कामों में समय की कोई पाबन्दी नहीं।
1 हर बार लागत की जरूरत नहीं पड़ती है।
2 अधिक कामगरों (मजदूरों) की आवश्यकता नहीं पड़ती है।
3 समय पर कृषि कार्य करना बहुत जरूरी है।
4 निश्चित समय में ही बेचना तथा मनचाहा मुनाफा नहीं मिल पाता।
Note
नींबू:- छोटा पेड़्र अथवा झाड़ीदार पौधा है। इसकी शाखाएँ काँटेदार, पत्तियां छोटी, डंठल पतला तथा पत्तीदार होता है। फूल की कली छोटी और मामूली रंगीन या बिल्कुल सफेद होती है। सामान्यत: नींबू गोल या अंडाकार होता है। छिलका पतला होता है जो कि गूद्दे से चिपका रहता है। पकने पर यह पीले रंग का या हरापन लिये होता है। नींबू का उद्स्थान संभवतः भारत ही है। एक साल मैं दो वार फल देता है।
यह किस्में गुच्छे में फलती है। यह कागजी नींबू की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक उपज देती है। यह उच्च श्रमता वाली किस्म है व खेती के सर्वश्रेष्ठ है।
रामायण, महाभारत, वेद, पुराण, आदि धर्मो ग्रंथों में चंदन का उल्लेख है, चरक मुनि आदि संतो ने चंदन को औषधि के रूप में वर्णित किया है। भारत का चंदन दुनिया भर में सबसे अच्छा कहा जाता है। भारत में बिकने वाले चंदन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़ी मांग है | सामान्यतः चंदन की हार्डवुड की कीमत 15000 से 22000 रुपये प्रति किलो होती है और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 25000 रुपये तक है। हमारे देश में चंदन की चोरी करने वाले चोरों ने चंदन के जंगलों को काटकर खत्म कर दिया है, इस कारण भारत सरकार और राज्य में चंदन पर से नियंत्रण हटा लिया गया है| कोई भी किसान चंदन लगा व कटवा सकता है |
जापान में पाए जाने वाले दुनिया के सबसे मंहगे आम का नाम है ताइयो नो तमांगो, यह जापान के मियाजाकी में होता है, जबकि यह बिहार के पूनिया और मध्य प्रदेश के जबलपुर में भी पाया जाता है, आम आदमी इस आम को खरीदने का सपना भी नहीं देख सकता है, आइये जानते हैं इस खास आम के बारे में।
पपीता एक शीघ्र बढ़ने एवं फल देने वाला पौधा है। जिसके कारण भूमि से काफी कम मात्रा में पोषक तत्व का हास होता है। पपीता में पेड़ मे लगभग 5 से 6 महीने में फल आना शुरु हो जाता है। एक स्वस्थ पेड से औसतन 35-50 कि. ग्राम फल आसानी से प्राप्त हो जाते है। यह एक लोकप्रिय फल है। लोग इसको अपने घरों में भी लगाते है। भरपुर तत्वों से लैस इस फल को कुदरत ने हमें तोहफे के रुप में दिया है। इसकी खेती करने से किसान अपनी जमीन को उपजाऊ रखने के साथ-साथ भरपूर मुनाफा भी कमा सकते हैं। हमारी टीम आपको इसकी खेती की सलाह देती है।
Note
महोगनी वृक्ष को बहुत ही कीमती वृक्ष के रूप में जाना जाता है, यह ऐसा वृक्ष है जिसके सभी भागो को उपयोग में लाया जाता है | महोगनी पेड़ खासकर व्यापारिक उद्देश्य के लिए होता है, यह अत्यधिक मजबूत और टिकाऊ वृक्ष होता है | इसलिए इसका इस्तेमाल जहाज़, कीमती, फर्नीचर, प्लाईवुड, सजावट की वस्तुए और मूर्तियों को बनाने में होता है | यह एक औषधीय पौधा भी है, इसलिए इसके बीजो और फूलों का इस्तेमाल शक्तिवर्धक दवाइयों को बनाने में होता है|